गर्भाशय के संक्रमण

गर्भाशयकेसंक्रमण ?

गर्भाशय के संक्रमण महिलाओं में होने वाली एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह बांझपन (Infertility), बार-बार गर्भपात और IVF जैसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट में असफलता का कारण बन सकता है। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि गर्भाशय के संक्रमण क्या होता है, जानिये इसके लक्षण, कारण और इलाज क्या हैं, ताकि महिलाएं समय रहते सही कदम उठा सकें।

गर्भाशय के संक्रमण क्या होता है?

गर्भाशय का संक्रमण (Uterine Infection) तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरस या फंगल इन्फेक्शन गर्भाशय (Uterus) की अंदरूनी परत यानी एंडोमेट्रियम को प्रभावित कर देता है। मेडिकल भाषा में इसे एंडोमेट्राइटिस कहा जाता है।

अक्सर यह संक्रमण योनि या सर्विक्स से ऊपर की ओर फैलता है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि गर्भाशय का संक्रमण क्या होता है, जानिये इसके लक्षण, कारण और इलाज, ताकि भविष्य में गंभीर जटिलताओं से बचा जा सके।

गर्भाशय के संक्रमण के प्रमुख लक्षण

गर्भाशय के संक्रमण के लक्षण हर महिला में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ मामलों में लक्षण हल्के होते हैं, जबकि कुछ में गंभीर।

सामान्य लक्षण:

  • पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द
  • असामान्य योनि स्राव (दुर्गंध के साथ)
  • बुखार या ठंड लगना
  • पीरियड्स के दौरान अधिक दर्द
  • पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग
  • संभोग के दौरान दर्द

गंभीर लक्षण:

  • बार-बार गर्भपात
  • गर्भधारण में कठिनाई
  • IVF या IUI फेल होना

यदि ये लक्षण दिखें, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।

गर्भाशय के संक्रमण के मुख्य कारण

यह समझना जरूरी है कि गर्भाशय  संक्रमण क्या होता है  क्योंकि कारणों को जानकर ही सही इलाज संभव है।

प्रमुख कारण:

  • असुरक्षित यौन संबंध
  • बार-बार गर्भपात या D&C प्रक्रिया
  • डिलीवरी के बाद संक्रमण
  • IUD (कॉपर-T) का गलत उपयोग
  • कमजोर इम्यून सिस्टम
  • यौन संचारित रोग (STDs)

गर्भाशय संक्रमण कैसे डायग्नोज़ किया जाता है?

सही जांच से संक्रमण की गंभीरता और प्रकार का पता लगाया जाता है।

जांच के तरीके:

  • पेल्विक एग्ज़ामिनेशन
  • अल्ट्रासाउंड
  • ब्लड टेस्ट
  • योनि स्राव की जांच
  • एंडोमेट्रियल बायोप्सी (जरूरत पड़ने पर)

गर्भाशय के संक्रमण का इलाज

इलाज संक्रमण के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है।

1. दवाइयों द्वारा इलाज:

  • एंटीबायोटिक्स
  • एंटी-फंगल या एंटी-वायरल दवाएं
  • दर्द और बुखार की दवाएं

2. गंभीर मामलों में:

  • IV एंटीबायोटिक्स
  • अस्पताल में भर्ती
  • फर्टिलिटी-फोकस्ड ट्रीटमेंट

3. फर्टिलिटी ट्रीटमेंट से पहले इलाज:

यदि महिला IVF या IUI की योजना बना रही है, तो गर्भाशय का संक्रमण पूरी तरह ठीक करना अनिवार्य होता है।

गर्भाशय संक्रमण और बांझपन का संबंध

गर्भाशय का संक्रमण लंबे समय तक रहने पर:

  • एंडोमेट्रियम को नुकसान
  • भ्रूण का इम्प्लांटेशन फेल
  • IVF सक्सेस रेट कम

इसलिए यह जानना जरूरी है कि गर्भाशय के संक्रमण क्या होता है, जानिये इसके लक्षण, कारण और इलाज, खासकर उन महिलाओं के लिए जो गर्भधारण की योजना बना रही हैं।

गर्भाशय के संक्रमण से बचाव कैसे करें?

  • सुरक्षित यौन संबंध अपनाएं
  • समय-समय पर गाइनेकोलॉजिस्ट से जांच
  • अनावश्यक D&C से बचें
  • संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज न करें
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि आपको:

  • बार-बार पेट दर्द
  • असामान्य ब्लीडिंग
  • गर्भधारण में समस्या

हो रही है, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।

निष्कर्ष

गर्भाशय का संक्रमण एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य समस्या है। समय पर पहचान और सही उपचार से न केवल संक्रमण ठीक किया जा सकता है, बल्कि भविष्य की फर्टिलिटी को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। इसलिए यह समझना बहुत जरूरी है कि गर्भाशय के संक्रमण क्या होता है,  ताकि सही समय पर सही निर्णय लिया जा सके।

अधिक जानकारी और सही उपचार के लिए, Vrinda Fertility के अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टरों से संपर्क करें। हमारे सेंटर आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और सुविधाजनक रूप से Delhi और Noida में स्थित हैं, जहाँ महिलाओं को सुरक्षित, भरोसेमंद और व्यक्तिगत फर्टिलिटी केयर प्रदान की जाती है।

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Dr Anushka Madan

Dr Anushka Madan is an established is an IVF expert for reproductive medicine & technology with over 25+ years of experience.

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